ज़िन्दगी एहसास भी,
ज़िन्दगी एक आस भी,
है साँसों का सरगम,
ज़िन्दगी विश्वास भी,
जिंदगी जिंदादिली,
जिंदगी अरमान भी,
ये एक बंद रस्ता,
ज़िन्दगी खिलवाड़ भी.
जिस तरह देखो इसे,
ज़िन्दगी वो रूप है,
जिस तरह चाहो इसे,
ज़िन्दगी वो धुप है,
गर्मिया भी यहीं,
सर्दियां भी यहाँ ,
धुंध भी मिले,
तो हैं बरसात भी,
एक सरगम है देखो,
कई मौसम छिपे,
खुद में ज़न्नत भी है,
ज़िन्दगी सौगात भी.
तमाम मजबूरी लिए
जीते हैं हम सभी,
पर हम हँसते भी है,
खिलखिलाते भी हमी,
ज़िन्दगी की तमन्नाएँ
कभी ना मरें,
ज़िन्दगी आगे बढे,
पीछे दुनिया रहे.
ऐ ज़िन्दगी हम तुम्हारे,
तू हम सब का,
तुमको मेरा सलाम !!

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